प्रचंड गर्मी से झुलसा देश, दुनिया के 15 सबसे गर्म शहरों में भारत के 8

नई दिल्ली 
भीषण गर्मी की तपिश झेल रहे देशवासियों को अगले कुछ दिनों तक लू से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। उत्तर से दक्षिण तक गर्मी का सितम जारी है। एसी कमरों में रहने वाले भी हीट महसूस कर रहे हैं। राजस्थान के कई शहरों का पारा 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। महाराष्ट्र और तेलंगाना में गर्मी ने रेकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन-चार दिन तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। हालांकि मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता में हुई हल्की बारिश ने वहां लोगों को थोड़ी राहत दी है लेकिन देश के बाकी हिस्से में सूरज की रोशनी ने सबकुछ झुलसा दिया है। मॉनसून में देरी ने लोगों की परेशानी और बढ़ाई है। स्थिति यह है कि दुनिया के शीर्ष 15 सबसे गर्म शहरों में 8 भारत के हैं।

पाकिस्तान से आने वाली हवाओं ने झुलसाया
मौसम विभाग के उत्तरी क्षेत्र के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ श्रीवास्तव ने बताया कि इस बीच उत्तर भारतीय इलाकों में पाकिस्तान से आने वाली पश्चिमी हवाओं ने गर्मी का प्रकोप बढ़ा दिया जिसका असर लू और भीषण गर्मी के रूप में इन दिनों दिख रहा है। इन दिनों भारतीय उपमहाद्वीप में समूचे उत्तरी इलाके में बारिश का पूर्ण अभाव है, सूर्य की सीधी किरणें पड़ रही हैं और गर्म पश्चिमी हवाओं के कारण यह इलाका भीषण गर्मी के प्रकोप में होता है।

दुनिया के 15 सबसे गर्म शहरों में भारत के 8 
वेदर वेबसाइट अल डोराडो के मुताबिक दुनिया के 15 सबसे गर्म शहरों में भारत के 8 शहर हैं। वेबसाइट के अनुसार 3 जून को चुरू (48.9), गंगानगर (48.6), जोधपुर के फलोदी (48.2), बीकानेर (48.1), जैसलमेर(47.8), नोगौंग (47.7), नारनौल (47.6) और खजुराहो (47.5) सबसे गर्म शहरों में से हैं।
देश के 7 शहर का पारा 45 डिग्री पार 
मौमस विभाग के अनुसार 2 जून को बीकानेर 48.4, जयपुर 45, जैसलमेर, 46.4, उदयपुर 45.4, ग्वालियर 45, अकोला 45.4 और गंगानगर 47 डिग्री के साथ देश के सबसे गर्म शहर रहे हैं।

4-6 जून के बीच दिल्ली-एनसीआर में बारिश!
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली वालों को आज भी भीषण गर्मी झेलनी होगी। शहर का अधिकतम तापमान 43 डिग्री के आसपास रह सकता है जबकि न्यूनतम तापमान 30 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार 4-6 जून के बीच दिल्ली-एनसीआर में बारिश होने का अनुमान है। रविवार को सफदरजंग में सबसे ज्यादा 42.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। गुरुग्राम में अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री दर्ज किया गया।

यहां मिली थोड़ी राहत 
गर्मी से झुलस रहे देश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले मुंबई में सोमवार सुबह हुई हल्की बारिश ने लोगों को राहत दी है। निजी वेदर एजेंसी स्काइमेट के अनुसार, कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में सोमवार सुबह बारिश हुई है। मुंबई में लंबे समय बाद बारिश हुई है। स्काइमेट के अनुसार शहर के कुछ और हिस्सों में बारिश का अनुमान है। झारखंड, ओडिशा के कुछ हिस्सों और कोलकाता में रविवार को हुई बारिश से वहां के लोगों को प्रचंड गर्मी से निजात मिली है। उत्तराखंड के अल्मोड़ा रविवार को हुई भारी बारिश ने इलाके के लोगों को राहत दी है।

अभी और झेलनी होगी तपिश
डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव बताया,‘पिछले 24 घंटों में बंगाल की खाड़ी से पूर्वी हवाओं का दौर शुरू हो गया है। ये हवाएं मॉनसून के साथ नमी लाती हैं। हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित आसपास के इलाकों में इनका असर दो दिन बाद दिखने लगेगा। इससे 47 डिग्री के अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी। उन्होंने बताया कि रविवार रात से उत्तरी इलाकों में तापमान जरूर कम होगा लेकिन पूरब से आने वाली नम हवाओं का असर सीमित इलाको में ही होने के कारण समूचे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी से बहुत राहत मिलने की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। डॉ श्रीवास्तव ने बताया कि इस दौरान तीन जून को हरियाणा और दिल्ली के आसपास, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों में बूंदाबांदी के कारण गर्मी से मामूली राहत मिलने की उम्मीद रहेगी।


केरल में 6 जून को मॉनसून की दस्तक 

मौसम विभाग के मुताबिक छह जून को मॉनसून केरल तट पर पहुंच सकता है। हालांकि शुरुआती 10 दिनों में मॉनसूनी बारिश सामान्‍य से कम रह सकती है। इस साल केरल में मॉनसूनी बारिश देरी से होने के आसार हैं, जिसका असर पूरे देश पर पड़ेगा। वर्ष 1954 के बाद इस साल पहली बार मॉनसून पूर्व बारिश भी सबसे कम 99 मिलीमीटर हुई है। मौसम विभाग के अधिकारी ने कहा, ‘मॉनसून आने के बाद उसकी रफ्तार धीमी रह सकती है। अनुमानों के मुताबिक 10 जून के बाद मॉनसून जोर पकड़ सकता है। इसलिए जून के शुरुआती 10 दिनों में मॉनसूनी बारिश के कम रहने के आसार हैं।

देश में प्री मॉनसून सूखा!
भारतीय मौसम विभाग के डेटा के मुताबिक बीते 65 सालों में यह दूसरा मौका है, जब इस तरह से प्री-मॉनसून सूखे की स्थिति पैदा हुई है। 1954 के बाद से ऐसा दूसरी बार हुआ है, जब प्री-मॉनसून में इतनी कम वर्षा हुई हो। तब देश में 93.9 मिलीमीटर बारिश रेकॉर्ड की गई थी। इसके बाद 2009 में मार्च, अप्रैल और मई के दौरान 99 मिलीमीटर बारिश हुई थी। फिर 2012 में यह आंकड़ा 90.5 मिलीमीटर का था और इसके बाद अब 2019 में 99 मिलीमीटर बारिश हुई है।

 

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