डेयरी प्रॉडक्ट्स में क्या अमूल जैसा करिश्मा कर पाएगी पतंजलि?

बाबा रामदेव की पतंजलि ने लॉन्च किया गाय का दूध

बाबा रामदेव अब दूध के जरिए महंगाई से जंग करेंगे। पिछले गुरुवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में पतंजलि के संस्थापक ने घोषणा की थी कि उनकी कंपनी दिल्ली-एनसीआर से दूध और दूध से बने उत्पादों की बिक्री शुरू कर रही है। बाबा के लॉन्च प्रोग्राम में दूध, दही, पनीर, छाछ, मक्खन जैसे खाद्य पदार्थ शामिल थे। पतंजलि डेयरी कारोबार में उतरने की बात 2016 से ही कर रही थी और कंपनी ने अपने इरादे भी स्पष्ट कर दिए हैं।
रामदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ‘हम अपने खाद्य उत्पादों को 50 प्रतिशत सस्ता रखते हैं। पतंजलि का गाय का दूध भी बाजार में उपलब्ध दूसरे दूध की तुलना में सस्ता है।’ साथ ही उन्होंने कहा, ‘हम इसे 40 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बेच रहे हैं, जबकि बाजार में मूल्य 42 रुपये प्रति लीटर है। पतंजलि जनता को बढ़ती महंगाई से कुछ राहत दिलाएगी।’

रामदेव ने दावा किया कि वह दूध कारोबार में बीकानेर और शेखावटी के 2,000 गांवों के किसान सहयोग देंगे। पतंजलि का दावा है कि गाय के दूध को उपलब्ध कराने के लिए करीब 1 लाख किसान/पशुपालक उसके साथ जुड़े हैं। साथ ही अगले साल नए उत्पादों की लॉन्चिंग से करीब 5 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

उन्होंने कहा कि किसानों से सीधे जुड़ाव की वजह से दूसरी डेयरी कंपनियों की तुलना में उनसे ज्यादा फायदा मिलेगा। पतंजलि ने किसानों के लिए पशु चारा और सोलर पैनल भी लॉन्च किया है। उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि लोगों को आर्थिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता मिले। उन्हें शैक्षिक स्वतंत्रता मिले। हम किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए स्वतंत्रता चाहते हैं। हमने विदेशी कंपनियों को शीर्षासन करवा दिया और भारत में स्वदेशी उत्पादों के सम्मान को फिर से वापस लाए।’

बाबा की ये बातें कुछ सुनी-सुनाई लगती हैं। दरअसल, देश की सबसे बड़ी डेयरी कंपनी अमूल एक पंचलाइन का इस्तेमाल वर्षों से कर रही है- ‘अमूल, टेस्ट ऑफ इंडिया।’ भारत की सभी एफएमसीजी कंपनियों की नजर डेयरी सेक्टर पर है। यह एडिबल ऑयल के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा पैकेज्ड फूड कारोबार है। मार्केट रिसर्च फर्म यूरोमॉनिटर के मुताबिक, 2017 में इसकी वैल्यू 1.2 लाख करोड़ रुपये थी। पतंजलि का यह दांव ग्राहकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है।

दिल्ली-एनसीआर में पतंजलि के एक बड़े डिस्ट्रीब्यूटर ने बताया कि कंपनी दूध की डिमांड पूरी नहीं कर पा रही है। ग्राहक अक्सर स्टोर्स में आकर नए डेयरी प्रॉडक्ट्स के बारे में पूछते रहते हैं। ताजा दूध बेचने वालों का कहना है कि पतंजलि के 40 रुपये प्रति लीटर दूध की घोषणा करते ही अमूल के दूध की मांग घटनी शुरू हो गई। हालांकि, भारतीय डेयरी कारोबार पर अमूल का सिक्का चलता है और कई दूसरी कंपनियों की भी इस पर अच्छी पकड़ है।

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